भगवान शिव को पाने के लिए हरिद्वार के इस स्थान पर माता पार्वती ने की थी तपस्या

by Ravinder Singh

उत्तराखंड की धार्मिक नगरी हरिद्वार के नजदीक ही बिल्व पर्वत पर भगवान शिव का धाम बिल्केश्वर महादेव मंदिर (bilkeshwar mahadev temple haridwar) स्थित है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार यह वही पर्वत है, जहां पर माता पार्वती ने कठोर तपस्या कर भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने का वरदान मांगा था। प्राचीन बिल्केश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव शेषनाग के नीचे लिंग रूप में विराजमान हैं। मंदिर परिसर में भगवान गणेश, भगवान हनुमान, महादेव और माता रानी के छोटे मंदिर भी हैं। यह मंदिर एक पहाड़ी क्षेत्र में जंगल से घिरा हुआ है। यहां आने वाले श्रद्धालु भगवान शिव को खुश करने के लिए उन्हें बेल की पत्तियां अर्पित करते हैं और गंगा जल से शिवलिंग पर अभिषेक करते हैं।

माता पार्वती ने की थी तपस्या

धार्मिक मान्यता के अनुसार इस स्थान पर माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। मान्यता है कि यहां पर माता पार्वती ने 12 सालों तक सिर्फ बेलपत्र खाकर भगवान शिव के लिए तप किया था। यहां रहने के दौरान माता पार्वती को पीने के पानी की समस्या आती थी। ऐसे में देवताओं के निवेदन करने पर स्वयं परमपिता ब्रह्मा ने अपने कमंडल से गंगा की जलधारा प्रकट करते थे। बिल्केश्वर महादेव मंदिर के नजदीक ही एक कुंड है, जिसे गौरी कुंड कहा जाता है। मान्यता है कि तपस्या के दौरान माता पार्वती इसी कुंड में स्नान करती थी और यहीं पानी पिया करती थीं।

bilkeshwar mahadev temple haridwar

पूरी होगी हर मनोकामना

यह स्थान माता पार्वती की तपोस्थली है। मान्यता है कि यहां आकर भगवान शिव की आराधना करने से वह जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं। जिन कुंवारी कन्याओं का विवाह नहीं हो रहा हो, उन कन्याओं के यहां आकर भगवान शिव को बेलपत्र चढ़ाने से उनके विवाह में आ रही परेशानियां दूर हो जाती हैं और उन्हें उत्तम वर की प्राप्ति होती है। बिल्केश्वर महादेव मंदिर में स्थित दुर्लभ लिंग के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। खासकर श्रावण मास में यहां दूर-दराज से कांवड़िये पहुंचते हैं। महादेव के इस धाम में दिन की अंतिम आरती का विशेष महत्व होता है, जो यहां शाम 6 बजे संपन्न होती है।

कैसे पहुंचें बिल्केश्वर महादेव मंदिर

यह प्रसिद्द धार्मिक स्थल हरिद्वार से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर है। इस दूरी को श्रद्धालु पैदल या वाहन की मदद से तय कर सकते हैं। हरिद्वार रेल और सड़क मार्ग द्वारा देश के अन्य प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ हैं। हरिद्वार का रेलवे स्टेशन सीधे दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, देहरादून, जयपुर, अहमदाबाद, पटना, गया, वाराणसी, भुवनेश्वर, पुरी और कोच्चि जैसे शहरों से जुड़ा है। सड़क मार्ग से भी दिल्ली, हरियाणा, यूपी, पंजाब और उत्तरखंड के अन्य हिस्सों से हरिद्वार आसानी से पहुंचा जा सकता है। हरिद्वार से निकटतम हवाई अड्डा 54 किलोमीटर दूर देहरादून का जॉली ग्रांट हवाई अड्डा है। पर्यटक मुंबई या दिल्ली से देहरादून की सीधी उड़ान ले सकते हैं। हरिद्वार से दिल्ली लगभग 225 किलोमीटर की दूरी पर है।

bilkeshwar mahadev temple haridwar

You may also like

Leave a Comment

error: Content is protected !!