हिमाचल में बर्फबारी से लौटी पहाड़ों की रौनक, जमने लगा है नदियों और झीलों का पानी

by Ravinder Singh

पर्यटकों के लिए हिमाचल प्रदेश भारत के सबसे पसंदीदा स्थानों में से एक है। हर साल देश और विदेश से लाखों की संख्या में पर्यटक बर्फबारी का आनंद लेने के लिए हिमाचल प्रदेश पहुंचते हैं। इस दौरान पर्यटक प्रदेश में स्थित कई खूबसूरत हिल स्टेशन पर जाकर साहसिक पर्यटन का जमकर मजा लेते हैं। इस साल अक्टूबर माह के पहले सप्ताह से ही प्रदेश में बर्फबारी की शुरुआत हो गई है। बर्फबारी की कारण एक बार फिर से पहाड़ों पर रौनक लौट आई है। घाटियों के नज़ारे सुहावने हो गए हैं। बर्फबारी होने से पर्यटन से जुड़े स्थानीय लोग भी काफी खुश हैं क्योंकि जल्दी बर्फबारी होने से राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा देखने को मिल सकता है।

हालांकि राज्य के कई इलाकों में बर्फबारी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भारी बर्फबारी के बाद कई मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। तापमान में भी तेजी से गिरावट आई है। कई इलाकों में तापमान शून्य डिग्री से भी नीचे तक पहुंच गया है। बर्फबारी के बाद तापमान में आई गिरावट की वजह से लाहौल-स्पीति, कुल्लू, किन्नौर और चंबा जिलों के पहाड़ों की झीलें जमने लगी हैं। मनाली रोहतांग के पास दशोहर झील और भृगु झील जम गई हैं। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण कुल्लू-मनाली, रोहतांग और लाहौल-स्पीति में कई लोग रास्ते में फंस गए। रास्ते में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।

बर्फ़बारी के कारण रोहतांग, कुंजुम और बरलाचा दर्रे का संपर्क लाहौल-स्पीति घाटी से टूट गया है। छतरू इलाके में बहने वाली चंद्रा नदी भी बर्फ की सफ़ेद चादर में बदल गई है। पिछले दिनों बर्फबारी में फंसे हुए सैकड़ों स्थानीय लोगों और विदेशियों को हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया था। गौरतलब है कि हर साल बर्फबारी का मजा लेने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक हिमाचल प्रदेश के रुख करते हैं। पर्यटक यहां आकर माऊंटेन बाइक और स्नो स्कूटर जैसे कई साहसिक खेलों का आनंद लेते हैं।

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