निसंतान दंपतियों की मनोकामना पूरी होती है भगवान शिव के इस मंदिर में आने पर

by Content Editor

पौराणिक एवं धार्मिक जुड़ाव के कारण उत्तराखंड हमेशा से ही श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा है। उत्तराखंड (uttarakhand ) में कई ऐसे मंदिर हैं, जो अपनी खास वजह से प्रसिद्ध हैं। उन्हीं में से एक उत्तरकाशी में विमलेश्वर महादेव (Vimleshwar Temple) मंदिर है। ऋषिकेश से 170 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह मंदिर असी गंगा, वरुणा और गंगा भागीरथी से घिरे वरुणावत पर्वत पर है। इस मंदिर के बारे में लोगों की मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से यहां प्रार्थना करते हैं, भगवान शिव उनकी सारी मनोकामना पूरी करते हैं।

स्कंदपुराण में मान्यता के अनुसार भगवान परशुराम ने अपना क्रोध शांत करने के लिए वरुणावत पर्वत के शिखर पर भगवान शिव की पूजा अर्चना की थी। भगवान शिव ने उनकी पूजा से प्रसन्न होकर उन्हें दर्शन दिए थे। तब भगवान परशुराम का क्रोध शांत हुआ। इसके लिए परशुराम ने भगवान शिव यहां पर शिवलिंग के रूप में विराजमान होने की बात कही। तब से लेकर आज तक आसपास के ग्रामीण इस स्थान को विमलेश्वर महादेव के नाम से भी पूजते हैं। इसके चलते हर साल चैत्र कृष्ण त्रयोदशी के दिन वारुणी यात्रा का आयोजन किया जाता है। पुराणों के अनुसार इस यात्रा को करने से सभी तीर्थों की यात्रा का पुण्य मिलता है। धार्मिक आस्था के चलते हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु करीब बीस किलोमीटर लंबी पदयात्रा में शामिल होते हैं।

Vimleshwar Temple uttarakhand

मंदिर के सेवक के अनुसार सावन मास में स्थानीय ग्रामीण और कांवड़ यात्री यहां भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। चीड़ और देवदार के वृक्षों के बीच विमलेश्वर महादेव का यहां अदभुत मंदिर है। बताया जाता है कि आदिकाल से यहां भगवान शिव का पौराणिक शिवलिंग है। सावन मास में श्रद्धालु इसी शिवलिंग में दुग्धाभिषेक और जलाभिषेक कर भगवान शिव की पूजा अर्चना करते हैं। सावन मास में निसंतान दंपती के पूजा करने से भगवान शिव उनकी मनोकामना पूरी करते हैं।

यहां कैसे पहुंचें 
सड़क मार्ग – दिल्ली से उत्तरकाशी की दूरी करीब 400 किलोमीटर है। बस,टैक्सी, मैक्सी और निजी वाहन से उत्तरकाशी पहुंच सकते हैं। यहां से तकरीबन 12 किलोमीटर की दूरी पर वरुणावत स्थित है। वाहन से उतरने के बाद मात्र 50 मीटर की पैदल दूरी तय कर आप विमलेश्वर महादेव के दर्शन कर सकते हैं।

रेल मार्ग – उत्तरकाशी का निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश में है। ऋषिकेश से आप आसानी से विमलेश्वर महादेव तक पहुंच सकते हैं।

हवाई मार्ग – सबसे निकटतम हवाईअड्डा जॉली ग्रांट देहरादून है। यहां से आप उत्तराखंड परिवहन या फिर किसी भी साधन से मंदिर तक पहुंच सकते हैं।

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Web Title Vimleshwar Temple uttarakhand

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