इस जगह देवता को फल, फूल नहीं बल्कि गाड़ियों के कल पुर्जे और नंबर प्लेट चढ़ाते हैं श्रद्धालु

by Ravinder Singh

अब तक आपने मंदिरों या अन्य धार्मिक स्थानों पर भगवान को फल, फूल, मिठाइयां व अन्य खाद्य सामग्री चढ़ाते हुए देखा होगा। लेकिन क्या आपने कभी किसी श्रद्धालु को भगवान के समक्ष गाड़ियों के खराब कल पुर्जे, नंबर प्लेट इत्यादि चढ़ाते हुए देखा है? यकीनन आपका जवाब नहीं होगा। बता दें कि हिमाचल प्रदेश (himachal pradesh) के मंडी जिले में ऐसा ही एक अनोखी जगह है, जहां पर श्रद्धालु गाड़ियों के खराब कल पुर्जे, नंबर प्लेट आदि चढ़ाते हैं। हम बात कर रहे हैं करसोग (karsog) से लगभग 25 किलोमीटर दूर करसोग-छतरी मार्ग पर नगैलड़ी के पास ऐसे देव स्थान की, जहां देवता पेड़ पर वास करते हैं। श्रद्धालु उन्हें वनशीरा देवता (vanshira devta) के नाम से पूजते हैं।

वाहन को खतरे से बचाते हैं देवता

वनशीरा देवता में श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। वनशीरा देवता के भक्त उन्हें भेंट में नंबर प्लेट और गाड़ियों के टूटे फूटे पुर्जे चढ़ाते हैं। ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से देवता प्रसन्न रहते हैं और इलाके में कोई हादसा नहीं होता। साथ ही जिस गाड़ी के कल पुर्जे या नंबर प्लेट यहां चढ़ाई जाती है, उस वाहन को किसी भी प्रकार के खतरे का अंदेशा नहीं रहता है। अगर गाड़ी का कोई पुर्जा बार-बार खराब हो रहा हो तो उसे यहां चढ़ाने से नया पुर्जा खराब नहीं होता है। इसलिए यहां श्रद्धालु अपनी गाड़ियों के कल पुर्जे या नंबर प्लेट चढ़ाते हैं।

vanshira devta karsog

source – punjab kedari

जंगल के राजा हैं देवता

वनशीरा देवता के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था इतनी गहरी है कि कोई कितनी भी जल्दी में क्यों न हो, एक बार अपना वाहन रोककर यहां माथा जरूर टेकता है। साथ ही वाहन के कलपुर्जे चढ़ाकर देवता से सुरक्षा की प्रार्थना करता है। इतना ही नहीं लोग यह भी मानते हैं कि देवता वनों पर गिद्ध दृष्टि रखने वालों से भी बचाते हैं। उनके डर के कारण वनों के दुश्मन जंगल के पेड़ों को हाथ तक नहीं लगा सकते। वनशीरा देवता को लोग जंगल का राजा भी कहते हैं। यहां जोगनी माता का मंदिर भी है। इस मंदिर पर कोई छत नहीं है। मान्यता है कि जोगनी माता खुले में ही रहना पसंद करती हैं।

कैसे पहुंचे वनशीरा देवता

करसोग से निजी वाहन या किराए के वाहनों की मदद से आसानी से वनशीरा देवता के स्थान तक पहुंचा जा सकता है। करसोग से वनशीरा देवता के स्थान की दूरी लगभग 25 किलोमीटर है। करसोग पहुंचने के लिए एचआरटीसी की बस सेवा दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के शहरों से आसानी से उपलब्ध है। शिमला से भी आसानी से यहां पहुंचा जा सकता है। दिल्ली से कालका तक आसानी से ट्रेन से पहुंचा जा सकता है। कालका से छोटी लाइन पर शिमला के लिए भी ट्रेन ली जा सकती है। आप चाहें तो शिमला तक फ्लाइट लेकर आगे सड़क मार्ग से करसोग तक पहुंच सकते हैं।

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Web Title vanshira devta karsog

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