वैष्णो देवी की तर्ज पर होगी उत्तराखंड की चारधाम यात्रा, श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर होगा खास ध्यान

by Ravinder Singh

उत्तराखंड में होने वाली विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का संचालन जल्द ही वैष्णो देवी और त्रिरुपति बालाजी मंदिरों की तर्ज पर किया जाएगा। दरअसल उत्तराखंड सरकार ने धार्मिक पर्यटक को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड चारधाम श्राइन बोर्ड विधेयक-2019 (uttarakhand chardham shrine board bill 2019) को मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले के बाद उत्तराखंड के प्रसिद्ध चार धाम बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री सहित 51 प्रमुख मंदिरों का कायाकल्प, प्रबंधन और यात्रा संचालन श्रीवैष्णो देवी माता, सांई बाबा, जगन्नाथ और सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर किया जाएगा। इसके लिए श्राइन बोर्ड का गठन किया गया है। बोर्ड सभी मंदिरों की व्यवस्था व प्रबंधन देखेगा।

श्रद्धालुओं लिए बनेंगे शेल्टर होम

राज्य विधि आयोग के अध्यक्ष ने कहा है कि अगले वर्ष चारधाम के कपाट खुलने से पहले एक्ट बनकर तैयार हो जाएगा। हमारी कोशिश है कि केदारनाथ धाम की तर्ज पर बद्रीनाथ धाम में भी ध्यान गुफा बनाई जाएं। ताकि बद्रीनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को भी मेडिटेशन के लिए सुविधा मिल सके। साथ ही चारधाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जल्द ही शेल्टर होम की व्यवस्था भी की जाएगी। ताकि ऐसे श्रद्धालु जो होटल का खर्च नहीं उठा सकते हैं, वह शेल्टर होम में रुक सकें। साथ ही दूसरे राज्यों और विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।

uttarakhand chardham shrine board

श्रद्धालुओं पर विशेष ध्यान

सरकार की आेर से गठित किए गए श्राइन बोर्ड का अध्यक्ष मुख्यमंत्री होगा। अगर कोई हिंदू मुख्यमंत्री नहीं बनता है, तो संस्कृति व धर्म मंत्री अथवा अन्य किसी मंत्री को अध्यक्ष बनाया जाएगा। सरकार ने यह निर्णय इसलिए किया है, ताकि चारधाम की यात्रा की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा सके और यात्रा करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। चार धाम की सारी व्यवस्थाएं सरकार के हाथ में आने से सरकार को तो फायदा होगा ही साथ ही स्थानीय निवासियों को भी लाभ होगा।

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