बागेश्वर में है प्रसिद्द बागनाथ मंदिर, यहां बाघ रूप में प्रकट हुए थे भगवान शिव

by Ravinder Singh

उत्तराखंड के बागेश्वर में सरयु और गोमती नदियों के संगम पर भगवान शिव (Lord Shiva) को समर्पित एक पौराणिक मंदिर है। बागनाथ मंदिर (bagnath-temple) नाम से पहचाने जाने वाला यह धार्मिक स्थल बागेश्वर (bageshwar) के सबसे प्रसिद्द धार्मिक स्थलों में से एक है। यही कारण है कि बागेश्वर जिले का नाम इसी मंदिर के नाम पर रखा गया है। बागनाथ मंदिर की नक्काशी अत्यन्त प्रभाशाली है। यहां शिवरात्रि के अवसर पर भारी संख्या में शिवभक्त पहुंचते हैं। मंदिर के पास ही सरयू और गोमती नदी का संगम होता है। बागनाथ मंदिर समुद्र तल से लगभग 1004 मीटर की ऊंचाई पर है।

पौराणिक कथा

हिन्दू पौराणिक कथा के अनुसार यह स्थान मार्केंडेय ऋषि की तपोभूमि रहा है। यहीं पर मार्केंडेय ऋषि ने भगवान शिव की पूजा की थी। मार्केंडेय ऋषि की पूजा से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने बाघ रूप में उन्हें दर्शन दिया था। इसी कारण इस जगह को पहले व्याघ्रेश्वर” नाम से जाना गया, जो बाद में बागेश्वर हो गया। पहले यहां भगवान शिव के व्याघ्रेश्वर रूप का प्रतीक स्थल था, जिसने बाद में भव्य मंदिर का रूप लिया। कुछ स्त्रोत के अनुसार 7वीं शताब्दी से ही बागनाथ मंदिर अस्तित्व में था। वर्तमान में जिस शैली में मंदिर बना हुआ है, उसका निर्माण 1450 में चंद शासक “लक्ष्मी चंद” ने कराया था। मंदिर में स्थापित विभिन्न पत्थर की मूर्तियां 7वीं शताब्दी से 16वीं शताब्दी के बीच की हैं।

shiva bagnath temple bageshwar

उत्तरायणी मेले का आयोजन

बागनाथ मंदिर में उमा, महेश्वर, पार्वती, महर्षि मंदिनी एक भुखी, त्रिमुखी व चतुर्भुखी शिवलिंग, गणेश, विष्णु, सूर्य सप्वमातृका की मूर्तियां स्थापित हैं। मंदिर में स्थापित शिवलिंग को लेकर मान्यता है कि पहले कई भक्तों ने मंदिर में शिवलिंग को स्थापित करने की कोशिश की थी, लेकिन कोई भी शिवलिंग स्थापित करने में सफल नहीं हो पा रहा था। ऐसे में श्री मनोरथ पांडे नाम के एक व्यक्ति ने महा शिवरात्रि के दिन तपस्या करने के बाद शिवलिंग की स्थापना की थी। बागनाथ मंदिर परिसर में हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर उत्तरायणी मेले का आयोजन किया जाता है। इस दौरान तीन दिनों तक धार्मिक अनुष्ठान किया जाता है जिसे ‘त्रिमाघी’ के नाम से जाना जाता है।

कैसे पहुंचें बागनाथ मंदिर

बागेश्वर से नजदीकी रेलवे स्टेशन लगभग 150 किलोमीटर दूर काठगोदाम में है, जबकि यहां से निकटतम हवाई अड्डा यहां से लगभग 180 किलोमीटर दूर स्थित है। बागेश्वर शहर सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह से प्रदेश के महत्वपूर्ण शहरों से जुड़ा हुआ है।

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