हिमाचल के शक्तिपीठों में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ श्रावण अष्टमी मेला

by Ravinder Singh

हर साल की तरह इस साल भी सावन (sawan) के पवित्र महीने में हिमाचल प्रदेश (himachal) के सभी शक्तिपीठों में शुरू हुए श्रावण अष्टमी मेला (sawan ashtami mela) शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया है। श्रावण अष्टमी मेले की शुरुआत 1 अगस्त को हुई थी। मेले के दौरान प्रदेश के सभी शक्तिपीठों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचें और माता के दर्शन किए। इस दौरान मंदिरों में लंबी-लंबी कतारें देखी गईं। श्रावण अष्टमी मेले में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, बिहार, उत्तराखंड सहित अन्य प्रदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए इस बार प्रशासन ने बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया था। अगर छिटपुट घटनाओं को छोड़ दिया जाए तो सभी जगह पर श्रावण अष्टमी मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ

हर साल आयोजित होता है मेला

बता दें कि श्रावण अष्टमी मेला हिमाचल प्रदेश के शक्तिपीठों मां चामुंडा, मां चिंतपुर्णी, मां ब्रजेश्वरी देवी, मां ज्वालाजी और नैना देवी मंदिर में सावन के पवित्र महीने में हर साल आयोजित किया जाता है। इस दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। श्री ज्वालामुखी मंदिर में एसडीएम और डीएसपी ने पहुंचकर ज्वाला माता का पूजन और कन्या पूजन किया। इस पूजन के साथ मेले का समापन हुआ।

sawan ashtami mela himachal

मां ज्वालाजी मंदिर

एसडीएम ने बताया कि इस वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु मां ज्वालाजी मंदिर दर्शन करने के लिए पहुंचें। इस साल श्रावण अष्टमी मेले के सातवें दिन तक यहां कुल 27,39,597 रुपये और सोना 3 ग्राम 200 मिली ग्राम व चांदी 1 किलो 312 ग्राम का चढ़ावा आया है। इसके अलावा विदेशी करेंसी में इंग्लैंड के 250 पौंड, सिंगापुर के 2 डॉलर और कुबैत के दीनार भी भक्तों ने अर्पित किए हैं।

चिंतपूर्णी धाम और नयना देवी मंदिर

मां छिन्नमस्तिका धाम चिंतपूर्णी में इस साल सावन अष्टमी नवरात्र मेले में करीब सवा तीन लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। हालांकि यह संख्या पिछले मेले से कम रही। उधर नयना देवी मंदिर में श्रावण अष्टमी मेले के दौरान देश-प्रदेश से लगभग 4 लाख श्रद्धालुओं ने माता जी का आशीर्वाद लिया।

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