देहरादून शहर में सफर करना अब होगा और भी आसान, 2200 करोड़ की लागत से तैयार होगा “रोपवे”

by Content Editor

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून (dehradun) हमेशा से पर्यटन की दृष्टि से पर्यटकों की पहली पसंद रही हैं, जिस वजह से सीजन के समय यहां काफी भीड़ देखने को मिलती है। इसके चलते हर समय आम लोगों को ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। ऐसे में राज्य सरकार ने दून शहर में सामान्य परिवहन प्रणाली के लिए करीब 2200 करोड़ रुपये लागत की रोपवे (ropeway) योजना बनाई है। इस योजना को स्मार्ट सिटी की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। 23 दिसंबर को नगर विकास मंत्री मदन कौशिक की मौजूदगी में उत्तराखंड मेट्रो परियोजना और दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन के बीच रोपवे प्रणाली विकसित करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया है।ropeway in dehradun

इस योजना के चलते आने वाले समय में दूनवासियों के साथ ही पर्यटको को भी जाम के झंझट और बस-टैक्सी के घंटों के इंतजार से छुटकारा मिल जाएगा। सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को सशक्त बनाने के मद्देनजर दून को रोपवे प्रणाली के लिए उपयुक्त पाया गया है। लिहाजा, मेट्रो की बजाए सार्वजनिक परिवहन के अन्य विकल्पों पर विचार हुआ। हाल में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक की अगुआई में उच्चस्तरीय दल ने यूरोपीय देशों का दौरा किया। इस दल ने देहरादून को रोपवे प्रणाली के लिए उपयुक्त पाया।

दून में रोपवे प्रणाली पर एक नजर

25 किलोमीटर के करीब होगी परियोजना की लंबाई
2200 करोड़ के लगभग आएगी इसमें लागत
पांच माह में तैयार होगी रोपवे परियोजना की डीपीआर
दो साल के भीतर (टेंडर के बाद) तैयार होगा प्रोजेक्ट
10 यात्रियों की क्षमता वाली होगी एक रोपवे कार

यह होगा रूट
पहला :- वन अनुसंधान से घंटाघर होते हुए रिस्पना पुल तक
दूसरा :- आइएसबीटी से घंटाघर होते हुए कंडोली, मधुबन होटल के पास तक

दून, ऋषिकेश व हरिद्वार को जोड़ने को एलआरटी

देहरादून शहर के भीतर जहां रोपवे प्रणाली होगी, वहीं देहरादून, ऋषिकेश व हरिद्वार को आपस में जोड़ने के लिए लाइट रेल ट्रांजिट (एलआरटी) सिस्टम विकसित किया जाएगा। शहरी विकास मंत्री के अनुसार इस कड़ी में हरिद्वार से नेपाली फार्म, नेपाली फार्म से देहरादून और नेपाली फार्म से ऋषिकेश के लिए एलआरटी की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

हरिद्वार में चलेगी पॉड टैक्सी

विदेशों की तर्ज पर हरिद्वार शहर में पर्सनलाइज्ड रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (पीआरटीएस) विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। यानी वहां पॉड टैक्सी चलेगी। शहरी विकास मंत्री ने बताया कि हरिद्वार में इस प्रोजेक्ट पर करीब पांच सौ करोड़ का खर्चा आएगा।

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