चमत्कार : सालों बाद गतिमान हुआ ऋषि पराशर झील का टापू, दिन में झील के लगा रहा तीन चक्कर

by Ravinder Singh

लॉकडाउन का पर्यावरण पर सकारात्मक असर देखा जा रहा है। हवा साफ हो गई है, जबकि नदियों और झीलों का पानी भी कांच की तरह चमकने लगा है। मंडी जिले (mandi) के ऐतिहासिक ऋषि पराशर मंदिर (rishi prashar temple) के समीप प्राकृतिक रूप से निर्मित ऋषि पराशर झील (rishi prashar lake) पर भी लॉकडाउन में चमत्कार देखा जा रहा है। तैरते टापू के लिए मशहूर पराशर झील का टापू लॉकडाउन में गतिमान हो गया है। यह एक दिन में तीन बार पूरी झील का चक्कर लगा रहा है। जानकारों का कहना है कि सालों से यह भूखंड ठहर सा गया था, लेकिन अब यह सुचारू रूप से चलने लगा है। स्थानीय लोग इसे शुभ संकेत मान रहे हैं।

पुजारी ने बताया शुभ संकेत

ऋषि पराशर के मुख्य पुजारी अमर सिंह ने बताया है कि सालों पहले यह भूखंड झील में तैरता रहता था, लेकिन पिछले कई सालों से यह भूखंड कम ही गतिमान होता हुआ दिखाई देता था। साल में यह भूखंड एक-दो बार ही चलता था, लेकिन लॉकडाउन में यह एक बार फिर गतिमान हो गया है। यह कभी-कभी दिन में तीन बार पूरी झील में चक्कर लगाते हुए देखा गया है। पुजारी ने भूखंड के गतिमान होने को शुभ संकेत बताया है। हालांकि कई लोग कह रहे हैं कि जलस्तर बढ़ने के कारण ऐसा हो रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि बर्फबारी से पहले भी जलस्तर बढ़ता रहा है, लेकिन इतनी तेजी से भूखंड का गतिमान होना चमत्कारिक है।

rishi prashar lake

Source – Indiahikes

दैविक शक्ति द्वारा संचालित

ऋषि पराशर मंदिर कमेटी के अध्यक्ष ने भूखंड के गतिमान होने के पीछे दैविक शक्ति को वजह बताया। उन्होंने कहा कि जब मैं 10-12 साल का था, तब भूखंड समय के साथ चलता था। यानी सुबह यह पूर्व में होता था, जबकि शाम को पश्चिम में पहुंच जाता था। लेकिन अब यह अपनी इच्छा से साल में 2-4 बार चलता है। सामाजिक मान्यता व आस्था के अनुसार इसका चलना तथा रुकना एक अच्छे व बुरे समय का संकेत माना जाता है। कभी-कभी हमें ऐसा भी लगा कि पराशर ऋशि अपनी उपस्थिति को इसको गतिमान कर प्रकट करते हैं, जिसे मैंने स्वयं महसूस किया है।

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Web Title rishi prashar lake island is moving in mandi himachal

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