देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश में जाम से राहत दिलाएगा 'रैपिड ट्रांजिट सिस्टम'

by Content Editor

Rapid transit system in uttarakhand- देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश का रूट साल के बारह महीने व्यस्त रहता है। खासतौर से  वेकेशन के समय यहां पर्यटकों को कई घंटे सिर्फ जाम में ही बिताने पड़ते हैं। इसे देखते हुए उत्तराखंड में परिवहन सेवाओं के विस्तार की कवायद जारी की गई है। पर्यटकों को जाम से छुटकारा दिलाने के लिए प्रदेश सरकार एक नए ट्रांसपोर्ट सिस्टम को लाने जा रही है। इसके लिए देहरादून हरिद्वार मेट्रो के लिए जर्मनी के लाइट रेल ट्रांजिट सिस्टम और लंदन के पर्सनलाइज्ड रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम को उपयुक्त पाया गया है। यानि कि अब उत्तराखंड में मेट्रो, एलआरटी या मोनो रेल नहीं पॉड कार्स दौड़ेंगी। विदेशों में ये काफी लोकप्रिय हैं।

Rapid transit system in uttarakhand

Rapid transit system in Uttarakhand

लाइट रेल ट्रांजिट सिस्टम

आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के मद्देनजर अध्ययन दल ने जर्मनी के फ्रैंकफर्ट व कॉलोन शहर के एलआरटीएस को दून के नजरिये से परखा था। रेलवे की लाइट रेल ट्रांजिट सिस्टम आमतौर पर ओवरहेड विद्युत तारों द्वारा संचालित होती है और महानगरीय क्षेत्रों में मध्यम क्षमता के स्थानीय परिवहन के लिए उपयोग की जाती है। लाइट रेल वाहन, स्ट्रीटकार्स (ट्राम) का एक तकनीकी विस्तार है। विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले शहरी क्षेत्रों में इसे भूमिगत और बाहरी क्षेत्रों में सड़क के मध्य ट्रैक बना कर चलाया जाता है। लाइट रेल ट्रांजिट सिस्टम आधारित मेट्रो रेल को 50 मीटर के मोड़ पर भी आसानी से चलाया जा सकता है, जिस वजह से इसे दून के लिहाज से उपयुक्त माना गया है।

पर्सनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम

पर्सनल रैपिड ट्रांज़िट, जिसे पॉड कार के रूप में भी जाना जाता है, एक प्रकार का स्वचालित गाइडवे ट्रांजिट सिस्टम है। पीआरटी वाहन व्यक्तिगत तौर पर छोटा और हल्का होता है, जिसमें आमतौर पर तीन से छह यात्री सफ़र कर सकते हैं। यह बीच में पड़ने वाले सभी स्टेशनों को दरकिनार करते हुए नॉनस्टॉप, पॉइंट-टू-पॉइंट यात्रा की अनुमति देता है। लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर इसका संचालन हो रहा है। अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक ट्रैफिक जाम के झंझट से बचने के लिए पॉड टैक्सी बहुत अहम है। रोपवे या केबल कार ट्रांसपोर्ट सिस्टम में भी इसका प्रयोग फायदेमंद रहेगा।

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