अब हिमाचल में घुसते ही मिलेगी इतिहास और पर्यटन स्थलों की जानकारी, बनेंगे चार गेट

by Ravinder Singh

अगर सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश (himachal pradesh) की सीमा में आते समय ही पर्यटकों को प्रदेश के इतिहास, देव स्थलों की जानकारी और देवभूमि में प्रवेश का आभास हो जाएगा। दरअसल रामलोक मंदिर ट्रस्ट (ramlok temple trust) हिमाचल प्रदेश की सीमा पर चार प्रवेश द्वारों (four entrance gates) का निर्माण करना चाहता है। रामलोक मंदिर ट्रस्ट (ramlok temple trust) खुद के खर्च पर चारों गेटों (four gates) का निर्माण करेगा। इसके लिए रामलोक मंदिर ट्रस्ट की ओर से इन गेटों के निर्माण का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। केंद्र से इजाजत मिलने के बाद रामलोक मंदिर ट्रस्ट इन गेटों का निर्माण कार्य शुरू कर देगा।

नितिन गडकरी को सौंपा पत्र

इस संबंध में रामलोक मंदिर सोलन के संस्थापक बाबा अमरदेव ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर पत्र सौंपा है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि इस विषय पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी और जल्द कोई निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि इन गेटों का निर्माण नैशनल हाईवे पर किया जाएगा। इसकी मंजूरी केंद्र से मिलनी है। केंद्र को जो प्रस्ताव भेजा गया है उसके अनुसार पावंटा साहिब, परवाणू, ऊना और नूरपुर में गेटों का निर्माण किया जाएगा। इन चारों जगह से हजारों तीर्थ यात्री और पर्यटक हिमाचल में दाखिल होते हैं।

ramlok temple trust

Source – DTNext

बीस करोड़ से अधिक का खर्च

यह चारों गेट पर्यटकों को हिमाचल के गौरव का परिचय देंगे और इतिहास को बयां करेंगे। इन गेट पर बीस करोड़ से अधिक खर्च आने की संभावना है। गेट निर्माण में राज्य या केंद्र सरकार से किसी भी तरह की आर्थिक मदद नहीं ली जाएगी। प्रवेश द्वार के निर्माण का पूरा खर्च ट्रस्ट के माध्यम से उठाया जाएगा। रामलोक मंदिर सोलन के संस्थापक के अनुसार देवभूमि हिमाचल में आस्था और धार्मिक पर्यटन की संभावनाएं हमेशा से रही हैं। यहां बड़ी संख्या में लोग घूमने के लिए आते हैं। गेटों का निर्माण होने के बाद पर्यटकों को हिमाचल का इतिहास, देव स्थलों की जानकारी और देवभूमि में प्रवेश का आभास अब पड़ोसी राज्यों की सीमा छोड़ते ही हो जाएगा।

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Web Title ramlok temple trust will build four entrances on border

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