अद्भुत सौंदर्य के बीच बर्फ से ढका है खूबसूरत Panchachuli पर्वत

by Ravinder Singh

ऐतिहासिक, प्राकृतिक और धार्मिक स्थलों के लिए मशहूर उत्तराखंड के उत्तरी कुमांऊ क्षेत्र में पिथौरागढ़ जिले में पंचाचुली पर्वत है। यह इस क्षेत्र के मुख्य आकर्षण में से एक है। पंचाचुली पर्वत दरअसल बर्फ से ढके पांच पर्वतों का एक समूह है। इसकी समुद्रतल से ऊंचाई लगभग 6,312 मीटर से 6,104 मीटर तक है। इस पर्वत तक आने का मार्ग भी बड़ा खूबसूरत है। बर्फ से ढके पहाड़ों, शानदार नदियों, अल्पाइन घास इस जगह को अद्भुत सुंदरता प्रदान करते हैं। शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर यहां आकर आपको शांति का अहसाह होता है। पर्यटक यहां प्रकृति का सौंदर्य देखने के लिए खिंचे चले आते हैं।

इस क्षेत्र में वनस्पतियों और जीवों की समृद्ध विविधता है। पूर्वी कुमाऊं हिमालय में स्थित ट्रेकिंग मार्ग में गोरी गंगा और दारमा घाटियों के बीच जल क्षेत्र है। ट्रेकिंग को पसंद करने वाले पर्यटकों के लिए यह क्षेत्र एक आदर्श स्थल है। डार से पंचाचुली ग्लेशियर एक जाने वाला मार्ग धौलीगंगा नदी के किनारे बसे बोंगलिंग, सेला, नागलिंग, बालिंग और दुक्तू के आदिवासी गांवों से होकर गुजरता है। पंचाचुली पर्वत, मुन्स्यारी और धारचूला जैसे पर्यटन स्थलों से भी दिखाई देता है। पंचाचुली के तहत आने वाले पांच पर्वतों के समूह को पंचाचुली-1 से लेकर पंचाचुली-5 तक के नामों से जाना जाता है।

धार्मिक मान्यता

पंचाचुली पर्वत को लेकर बड़ी प्रसिद्द धार्मिक मान्यता है। लोगों का मानना है कि महाभारत युद्ध के बाद पांडवों ने अच्छे तरीके से अपने राज्य को संभाला। इसके बाद वृद्ध होने पर जब पांचों पांडवों ने स्वर्ग की ओर प्रस्थान किया, तो उन्होंने अंतिम बार इस पर्वत पर अपना भोजन बनाया था। उन्होंने पांचों चोटियों पर छोटे-छोटे चूल्हे बनाए थे। इसलिए इस स्थान को पंचाचुली के नाम से जाना जाता है। धार्मिक ग्रंथो में इसे पंचशिरा के नाम से भी जाना जाता है। कुछ लोगों का यह भी मानना है कि यह पर्वत शिखर पांचों पांडवों (युधिष्ठिर, अर्जुन, भीम, नकुल और सहदेव) का प्रतीक हैं।

कैसे पहुंचें पंचाचूली पर्वत

इस खूबसूरत क्षेत्र से नजदीकी हवाई अड्डा लगभग 290 किलोमीटर दूर देहरादून में और निकटतम रेलवे स्टेशन 270 किलोमीटर दूर ऋषिकेश में स्थित है। इन दोनों ही जगहों से सोबला बस टर्मिनल तक जाने के लिए कार अथवा टैक्सी की सुविधा उपलब्ध है। इस ग्लेशियर तक पहुंचने के लिए सोबला बस टर्मिनल से 40 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है। सोबला बस टर्मिनल पिथौरागढ़ से 134 किलोमीटर जबकि धारचूला से 35 किलोमीटर है। यहां जाने के दौरान रास्ते में आपको बर्फ से ढके पहाड़ों और घने पर्वतीय वृक्षों के बीच से गुजरना पड़ता है।

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