DDRF की टीम ने किया चोराबाड़ी ताल का दौरा, केदारनाथ धाम को कोई खतरा नहीं

by Ravinder Singh

जिला आपदा रिलीफ फोर्स (डीडीआरएफ) ने बीते दिनों आई चोराबाड़ी ताल में पानी भरने की खबरों का खंडन किया है। डीडीआरएफ की टीम ने इस इलाके का निरिक्षण किया है और चोराबाड़ी ताल में किसी भी प्रकार की झील होने से इंकार कर दिया है। डीडीआरएफ की टीम का कहना है कि चोराबाड़ी ताल (chorabari tal) जो झीलनुमा पानी जमा है, वह ग्लेशियर क्षेत्र में है और इससे केदारनाथ धाम (kedarnath dham) को किसी भी तरह का कोई खतरा नहीं है। बता दें कि बीते 15 जून को सिक्स सिग्मा के सीईओ ने इस इलाके का जायजा लिया था। इस दौरान क्षेत्र में लगातार भूस्खलन होने की खबर सामने आई थी। उन्होंने चोराबाड़ी ताल में करीब चार मीटर तक पानी जमा होने की बात कही थी।

सिक्स सिग्मा के सीईओ के दौरे के बाद झील की सत्यता जांचने के लिए जिलाधिकारी के आदेश पर बीते शनिवार को केदारनाथ से डीडीआरएफ की दो सदस्यीय टीम चोराबाड़ी ताल पहुंची थी। इस दौरान टीम ने चोराबाड़ी ताल का निरिक्षण किया और टीम इस निष्कर्ष पर पहुंची कि यहां पर किसी भी प्रकार की झील नहीं है। जिसको झील समझा जा रहा है, दरअसल वह चोराबाड़ी से ढाई किमी ऊपर ग्लेशियर क्षेत्र में है और छोटे आकार में है। टीम का कहना है कि चोराबाड़ी ताल सुखा हुआ है।

chorabari tal kedarnath dham

डीडीआरएफ की टीम के दौरे के बाद अब अगले दिनों में वाडिया संस्थान की टीम भी चोराबाड़ी ताल का निरिक्षण करने के लिए पहुंचेंगी। डीडीआरएफ की टीम की रिपोर्ट से वाडिया संस्थान की टीम को भी अवगत करा दिया गया है। चोराबाड़ी ताल को लेकर वाडिया संस्थान के वरिष्ठ भू-वैज्ञानिकों का कहना है कि जून 2013 की आपदा के बाद चोराबाड़ी ताल की जो हालत है, उससे आने वाले पांच दशकों तक वहां कोई झील नहीं बन सकती। इस समय जिस झील की बात की जा रही है, वह ग्लेशियर जोन में है, जो अस्थायी है। इस प्रकार की झीलें हिमालय क्षेत्र में बनती और टूटती रहती हैं, जो सामान्य प्रक्रिया है।

बता दें कि चोराबाड़ी ताल के कारण ही साल 2013 में भगवान शिव के धाम केदारनाथ में भीषण तबाही हुई थी। उस समय आए जलप्रलय ने यहां सब कुछ तबाह कर दिया था। विनाश ऐसा हुआ कि उसके निशान आज भी यहां मौजूद हैं। दरअसल उस वक्त लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण केदारनाथ धाम के नजदीक चोराबाड़ी ताल का बड़ा हिस्सा ढह गया था। चोराबाड़ी ताल के ढह जाने से केदारनाथ में पानी का सैलाब आया और अपने साथ सब कुछ बहा ले गया।

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Web Title no danger from chorabari tal kedarnath dham

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