गढ़वाल में है रहस्यमयी पर्वत खैट, यहां आज भी नजर आती है परियां

by Ravinder Singh

हम में से हर किसी ने बचपन में परियों की कहानियां जरूर सुनी या फिर पढ़ी होंगी। आमतौर पर माना जाता है कि परियों जैसा कुछ नहीं होता, यह सब काल्पनिक है। लेकिन उत्तराखंड में एक जगह ऐसी है, जिसके बारे में दावा किया जाता है कि यह परियों का निवास स्थान है। हम बात कर रहे हैं उत्तराखंड (uttarakhand) के गढ़वाल (garhwal) में स्थित खैट पर्वत (khait mountain) की। टिहरी जिले के थात गांव में खैट पर्वत को लेकर लोगों की आस्था है कि यहां आज भी परियां रहती हैं। यहां आने वाले लोगों को अचानक परियों के दर्शन हो जाते हैं। लोगों का ऐसा मानना है कि परियां आस-पास के गांवों की रक्षा करती हैं। इस क्षेत्र में रहने वाले लोग वन देवियों को आछरी-मांतरी के नाम से जानते हैं। लोगों के बीच धारणा है कि अगर आंछरियों को कोई पसंद आ जाता है, तो वह उसे मूर्छित करके अपने पास रख लेती हैं और उसे अपने लोक में ले जाती हैं।

समुद्रतल से लगभग 10 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित खैट पर्वत से प्रकृति का मनोरम दृश्य नजर आता है। इस पर्वत की चोटी गुंबद आकार की है। विशाल मैदान के बीच मौजूद यह पर्वत अद्भुत नजारा प्रदान करता है। खैट पर्वत नौ श्रृंखलाओं का समूह है, जिसको लेकर माना जाता है कि इन नौ श्रृंखलाओं पर नौ परियों का वास है। यह नौ परियां बहनें हैं और अदृश्य रूप से यहां निवास करती हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि यहां दीवारों पर अनाज कूटने के लिए जमीन पर बनाई जाने वाले ओखली बनी हुई हैं। इस बात से वैज्ञानिक भी हैरान हैं। एक और खास बात यह है कि इस वीरान इलाके में स्वत ही अखरोट और लहसुन की खेती भी होती है।

khait mountain garhwal uttarakhand
खैट पर्वत के नजदीक ही लुकी पीड़ी पर्वत पर मां बराडी का मंदिर है, जो एक गुफा की तरह है। भूलभुलैय्या जैसी गुफा में जहां नाग आकृतियां उकेरी हुई हैं। खैट पर्वत से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर खैटखाल नाम का एक मंदिर है। इस मंदिर में परियों की पूजा की जाती है। हर साल जून के महीने में यहां मेला भी लगाया जाता है। यहां पर प्राचीनकाल से ही चिल्लाना, चटक कपड़े पहनना, बेवजह वाद यंत्र बजाना, प्रकृति विपरीत काम करना प्रतिबंधित हैं। माना जाता है कि यह सब परियों को पसंद नहीं आता है।

कैसे पहुंचें खैट पर्वत
अगर आप भी खैट पर्वत की रोमांचकारी यात्रा का अनुभव करना चाहते हो तो बता दें कि आप यहां सीधे हवाई मार्ग से नहीं पहुंच सकते हैं। यहां से नजदीकी हवाई अड्डा लगभग 160 किलोमीटर दूर देहरादून में है। यह हवाई अड्डा नई दिल्ली और मुंबई से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। खैट पर्वत से नजदीकी रेलवे स्टेशन लगभग 100 किलोमीटर दूर ऋषिकेश में है। ऋषिकेश रेलवे स्टेशन नई दिल्ली, लखनऊ, अमृतसर, गाजियाबाद आदि जैसे प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। देहरादून और ऋषिकेश से पर्यटक खैत पर्वत तक पहुंचने के लिए एक टैक्सी किराए पर ले सकते हैं। अगर आप बस से यात्रा करना चाहते हैं तो ऋषिकेश बस स्टेशन और देहरादून बस स्टेशन से बसें उपलब्ध हैं।

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Web Title mysterious khait mountain located in garhwal uttarakhand

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