Mandi इंटरनैशनल एयरपोर्ट को मिली मंजूरी, अब उतर सकेंगे 140 सीटर विमान

by Content Editor

mandi international airport- हिमाचल प्रदेश सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है, जिस वजह से यहां हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक घूमने आते हैं। अगर आप भी हिमाचल घूमने का प्लान बना रहे हों, तो आपके लिए यह खबर खुशखबरी हो सकती है। पर्यटन (Tourism) को बढ़ाने के लिए हिमाचल प्रदेश में हवाई सेवा का विस्तार किया जा रहा है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने मंडी में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। इसके अलावा मंत्रालय ने शिमला, कांगड़ा और कुल्लू हवाई अड्डों के विस्तार को भी मंजूरी दी है। यह निर्णय भारत सरकार के नागर विमानन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार हरदीप सिंह पुरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया है।

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मंडी में बनने वाले इंटरनैशनल एयरपोर्ट के निर्माण के लिए सारा खर्च केंद्र सरकार देगी। भूमि अधिग्रहण से लेकर हवाई पट्टी बनाने तक की सारी जिम्मेवारी केंद्र की रहेगी। इसे प्रदेश का पहला बड़ा एयरपाेर्ट बनाया जाएगा, जहां 140 सीटर विमान उतर सकेगा।  उड़ान-2 के तहत नागरिक विमानन मंत्रालय ने प्रदेश में छः प्रस्तावित हेलीपोर्ट के निर्माण और परिचालन की लागत के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। उड़ान-1 के तहत मौजूदा सेवाएं पहले की तरह जारी रहेगी। इसके अलावा कुल्लू-मनाली हवाई अड्डे के विस्तार को लेकर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण दल सर्वेक्षण के लिए प्रदेश का दौरा करेगा।

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मंडी में प्रस्तावित एयरपोर्ट

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सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट

गौरतलब है कि मंडी जिला के बल्ह में इंटरनैशनल एयरपोर्ट के लिए जमीन ढूंढ ली गई है। सीएम जयराम ठाकुर भी इसे अपना ड्रीम प्रोजेक्ट कहते हैं। एयरपोर्ट बनने से हिमाचल में पर्यटन को भी पंख लगेंगे। वर्तमान में हिमाचल में कुल्लू मनाली एयरपोर्ट भुंतर, कांगड़ा के गग्गल और शिमला के जुब्बड़हट्टी में एयरपोर्ट हैं, जहां उड़ानें हो रही हैं। हिमाचल के मंडी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए 3490-33-20 बीघा भूमि चिह्नित की गई है। इसमें से 3160-18-04 बीघा भूमि निजी और 330-15-16 बीघा भूमि सरकारी है। प्रदेश सरकार के आग्रह पर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण नई दिल्ली ने स्थल निरीक्षण किया था और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे की स्थापना के लिए उपयुक्त पाया था।

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