आखिरकार लंबे इंतजार के बाद पर्यटकों के लिए बहाल हुआ मनाली-लेह मार्ग

by Ravinder Singh

आखिरकार सीमा सड़क संगठन (बी.आर.ओ.) ने लंबे इंतजार के बाद लगभग 485 किलोमीटर लंबे मनाली-लेह मार्ग (manali leh route) को पर्यटकों के लिए बहाल कर दिया (restored) है। मनाली-लेह मार्ग के बहाल होने से अब मनाली-रोहतांग आने वाले पर्यटक लाहौल होते हुए लेह-लद्दाख तक जा सकेंगे और इस सुहाने सफर का आनंद उठा सकेंगे। इसके अलावा इस मार्ग के बहाल होने से अब चीन और पाकिस्तान सीमा पर मौजूद देश के प्रहरियों तक रसद पहुंचाना भी आसान होगा। हालांकि बी. आर. ओ. ने इस मार्ग को पहले ही बहाल कर दिया था, लेकिन मरम्मत कार्य व जोखिम को देखते हुए वाहनों को आने-जाने की अनुमति नहीं दी थी। अब परिस्थितियों के अनुकूल होते ही बीआरओ ने सोमवार से वाहनों के आने जाने की अनुमति दे दी है।

बता दें कि इस बार रिकॉर्ड बर्फबारी के कारण सीमा सड़क संगठन को इस मार्ग को बहाल करने में 22 दिनों का अधिक का समय लगा। यह मार्ग पिछले साल अक्टूबर से बंद है। देश-विदेश के पर्यटक और सेना रोहतांग दर्रा खुलने के बाद लेह मार्ग के बहाल होने का इंतजार कर रहे थे। आखिरकार अब जाकर उनका इंतजार खत्म हुआ। लेह मार्ग के बहाल होने के बाद आज सबसे पहले सेना के वाहन रवाना हुए। इस मार्ग के बहाल होने से अब पर्यटक 15,500 फुट ऊंचे बारालाचा दर्रे में बर्फ का दीदार कर सकेंगे। इसके अलावा 17,000 फुट ऊंचे तांगलंगला दर्रे के सुहाने सफ़र का मजा भी ले सकेंगे।

manali leh route restored

पिछले साल मनाली-लेह मार्ग 18 मई को खुल गया था और 23 मई से एचआरटीसी की बस सेवा शुरू हुई थी। वहीं आज से रोहतांग के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा भी शुरू हो गई है। पहले चरण के तहत चार इलेक्ट्रिक बसें रवाना की गई हैं। सीमा सड़क संगठन के कमांडर ने जानकारी देते हुए बताया कि हिमांक और दीपक परियोजना बेहतर तालमेल से काम कर रही है। इस वर्ष लेह मार्ग पर बने सबसे लंबे दारचा पुल का भी उद्घाटन किया जाएगा। दारचा पुल की लम्बाई 360 मीटर है।

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Web Title manali leh route restored for tourists

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