रोमांच के शौकीनों के लिए बर्फीले पहाड़ों से घिरा काजा स्वर्ग से कम नहीं

by Ravinder Singh

हिमखंडों से घिरी आकर्षक झीलें, आसमान छूते पर्वतों के शिखर, ठंडी हवा के झौंके और चारों ओर हरी-भरी हरियाली लाहौल-स्पीति को स्वर्ग से भी खूबसूरत बनाती हैं। यहां की प्राकृतिक खूबसूरती से भरपूर दिलकश घाटियों को देख आंखों को सुकून मिलता है। यहां पर्यटकों के घूमने के लिए कई बेहतरीन पर्यटन स्थल हैं, जिनमे से काजा प्रमुख है। स्पीति वैली में इस खूबसूरत पर्यटन स्थल को अपने सुंदर पहाड़ी नजारों, बौद्ध मठों और प्राचीन गांवों के लिए जाना जाता है। समुद्र तल से 3,800 मीटर पर स्थित काजा लाहौल स्पीति घाटी का उप-संभागीय मुख्यालय है। कभी यह स्पीति के प्रमुख “नैनो” का मुख्यालय था।

प्रकृति प्रेमी और रोमांच के शौकीनों के लिए चारों ओर से बर्फीले पहाड़ों से घिरा काजा एक आदर्श पर्यटन स्थल है। काजा में स्थित नदियां और झरने इस जगह की खूबसूरती को कई गुना बड़ा देते हैं। मठों, प्राचीन गांवों और अन्य दर्शनीय स्थलों से भरा होने के कारण काजा का ऐतिहासिक महत्व भी है। काजा में पर्यटकों के घूमने के लिए कई स्थल मौजूद हैं।

काजा के मनोरम नजारों का आनंद लेने के लिए आप नजदीक ही स्थित किब्बर गांव जा सकते हैं। बर्फ से ढके पर्वतों की गोद में बसा किब्बर दुनिया का सबसे ऊंचा गांव है, जहां वाहनों की आवाजाही होती है। यह समुद्रतल से 4850 मीटर की ऊंचाई पर बसा है। पहाड़ों से प्यार करने वाले लोगों के लिए यह गांव किसी जन्नत से कम नहीं है। ठंडा वातावरण और बर्फ से ढके पहाड़, यकीन मानिए यह इतना खूबसूरत लगता है कि आपको इस जगह से प्यार हो जाएगा। काजा से लगभग 7 किलोमीटर की दूरी पर प्रसिद्द ‘की मठ’ है। काजा के शानदार बौध मठों में से एक ‘की मठ’ को ‘की गोंपा’ के नाम से भी जाना जाता है। यह काजा के सबसे आकर्षक स्थलों में से एक है। काजा आने वाले पर्यटक ‘की गोंपा’ जाना नहीं भूलते। 11वीं शताब्दी में बने इस मठ की आकर्षक वास्तुकला देखने लायक है।

काजा की यात्रा के दौरान पर्यटक 4551 की ऊंचाई पर स्थित कुंजम पास की सैर का आनंद भी उठा सकते हैं। इसे काजा का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। यहां एक मंदिर भी है, जिसे कुंजम माता के नाम से जाना जाता है। इनके अलावा भी पर्यटकों के लिए काजा में कई दर्शनीय स्थल मौजूद हैं।

कैसे पहुंचें काजा

काज़ा से शिमला लगभग 420 किलोमीटर दूर है। शिमला से आप सड़क मार्ग द्वारा रामपुर बुशहर-कल्पा-नाको होते हुए काज़ा पहुंच सकते हैं। काज़ा से निकटतम हवाई अड्डा 250 किलोमीटर दूर भुंतर हवाई अड्डा कुल्लू में और छोटी लाइन पर निकटतम रेलवे स्टेशन 355 किलोमीटर दूर बैजनाथ रेलवे स्टेशन है। यहां से सबसे नजदीक मुख्य रेलवे स्टेशन पठानकोट में है।

खूबसूरत पर्यटन स्थलों से भरपूर पौड़ी में आकार आपको हो जाएगा प्रकृति से प्यार

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