चीन से चल रही रार के बीच पर्यटकों के एडवेंचर के लिए खुली सियाचिन की बर्फीली घाटियां

by Ravinder Singh

अब वह दिन दूर नहीं जब देश-विदेश के पर्यटक दुनिया का सबसे ऊंचा रणक्षेत्र समझे जाने वाले सियाचिन की बर्फीली वादियों का आनंद उठा पाएंगे। रोमांच और पर्यटन के शौकीन लोगों के लिए भारतीय सेना (indian army) ने बड़ा फैसला लिया है। लद्दाख (ladakh) में चीन से तनाव के बीच भारतीय सेना ने सियाचिन ग्लेशियर (siachen glacier) की बर्फीली वादियों को आम नागरिकों के लिए खोल दिया है। सेना के इस फैसले के बाद सियाचिन टूरिस्ट हब बन सकता है। इससे देश-विदेश के पर्यटक सियाचिन की बर्फीली वादियों में एडवेंचर कर पाएंगे। इससे सियाचिन के नजदीकी गांवों में रहने वाले लोगों को भी फायदा होगा। सियाचिन में पर्यटन शुरू होने से इन गांवों का विकास होगा।

लेनी होगी सेना की परमिशन

सियाचिन की बर्फीली वादियों में घूमने की चाहत रखने वाले पर्यटकों को सियाचिन जाने के लिए सेना की परमिशन लेनी पड़ेगी। पर्यटकों को इसके लिए पहले अप्लाई करना होगा। इसके बाद सेना की ओर से पर्यटकों को परमिशन दी जाएगी। परमिशन मिलने के बाद ही पर्यटक सियाचिन की सैर कर पाएंगे, क्योंकि सियाचिन का तापमान बहुत कम रहता है और वहां आम लोगों को जाना मुश्किल भरा हो सकता है। इसके साथ ही सभी पर्यटकों को लेह जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल और क्वारनटीन जरूरतों का भी पालन करना होगा। गौरतलब है कि अब तक गैर स्थानीय व्यक्ति लेह के 40 किलोमीटर के दायरे में ही घूम फिर सकते हैं।

siachen glacier ladakh

Source – The Quint

बढ़ेगी आर्थिक गतिविधियां

बता दें कि भारतीय सेना ने सियाचिन बेस कैंप और लद्दाख में कुमार पोस्‍ट को आम नागरिकों के लिए खोलने का फैसला अक्टूबर में ही कर दिया था, लेकिन कोरोना महामारी और चीन सीमा पर तनाव के कारण यह फैसला टलता आ रहा था। अब भारतीय सेना ने इसे आम लोगों के लिए खोलने का फैसला कर लिया है। गौरतलब है कि यहां पर्यटन खोलने का फायदा ये होगा है कि यहां आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और लोग आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। सियाचिन बेस कैंप लेह से उत्तर में लगभग 225 किलोमीटर की दूरी पर है। बेस कैंप ही समुद्र तट से 11 हजार फीट की ऊंचाई पर है, जबकि कुमार पोस्ट की ऊंचाई 15000 फीट है।

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Web Title indian army opens siachen glacier to tourists in ladakh

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