हिमाचल में विकसित होंगे ईको पर्यटन स्थल, पर्यटकों को मिलेंगी कई सुविधाएं

by Ravinder Singh

हिमाचल प्रदेश (himachal pradesh) में पर्यटन को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में प्रदेश सरकार जल्द ही पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए शिमला के रोहड़ू में चांशल वैली, मंडी की जंजैहली और बीड़ बिलिंग को ईको पर्यटन (eco tourism) के लिए विकसित करेगी। इसके लिए इन स्थानों पर अधोसंरचना, भू-सौंदर्यीकरण, शौचालय और पार्किंग की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। साथ ही स्थानीय युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर उन्हें पर्यटन रोजगार से जोड़ा जाएगा। इससे जहां एक तरफ क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ पर्यटकों को भी काफी सुविधाएं मिलेंगी।

तय समय में योजनाएं पूरी करने के निर्देश

प्रदेश के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग की बीते दिनों समीक्षा बैठक हुई है। बैठक में मुख्य सचिव ने प्रदेश में प्रस्तावित विभिन्न पर्यटन योजनाओं की समीक्षा के दौरान कहा है कि प्रदेश सरकार ईको पर्यटन स्थल विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जल्द ही प्रदेश की कई जगहों को ईको पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सभी योजनाएं निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि बीड़ बिलिंग को हवाई क्रीड़ा स्थल के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इसको विकसित करने के लिए सामुदायिक भागीदारी तथा सरकारी-निजी भागीदारी के अवसर खोजे जाएंगे।

चाशंल में स्कीइंग गतिविधियों को प्रोत्साहन

बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों से चाशंल में स्कीइंग गतिविधियों को बढ़ाने के उद्देश्य से निविदा प्रक्रिया तैयार करने के लिए भी कहा है। साथ ही चाशंल क्षेत्र को कैंपिंग साइट के तौर पर विकसित करने के लिए भी कार्य योजना तैयार करने को कहा। इसके अलावा बैठक में पर्यटन निदेशक ने विभाग की ओर से चलाई जा रही विभिन्न पर्यटन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा पर विस्तृत रिपोर्ट दी।

eco tourism himachal pradesh

You may also like

Leave a Comment

error: Content is protected !!