श्रद्धालुओं का इंतजार बढ़ा, कोरोना संकट के कारण शिरगुल महाराज की चूड़धार यात्रा पर भी लगी रोक

by Ravinder Singh

हिमाचल प्रदेश (himachal pradesh) के सिरमौर जिले (sirmaur) में सबसे ऊंची चोटी चूड़धार (churdhar) पर स्थित पवित्र शिरगुल महाराज (shirgul maharaj) के दर्शन करने के अभिलाषी श्रद्धालुओं को इस बार मायूसी होगी। कोरोना संकट को देखते हुए चूड़धार यात्रा (churdhar yatra) पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है। इस कारण अब हजारों श्रद्धालुओं को शिरगुल महाराज (shirgul maharaj) के दर्शन करने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। इस बार कोरोना संकट के साथ-साथ भारी बर्फबारी ने भी श्रद्धालुओं के कदम रोक रखे हैं। मई माह में भी चूड़धार की चोटियों पर 7-8 फीट तक बर्फ जमा हो गई है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए यात्रा स्थगित करने का फैसला लिया गया है।

शिरगुल महराज मंदिर

समुद्रतल से करीब 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित चूड़धार को ही शिरगुल महराज के नाम से जाना जाता है। यहां शिरगुल महाराज का मंदिर बना हुआ है। इन्‍हें सिरमौर और चौपाल का देवता माना जाता है। हर साल हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड सहित उत्तरी भारत से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिरगुल महाराज के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। लेकिन इस बार कोरोना संकट को देखते हुए सरकार ने देश के सभी मंदिरों को बंद रखने का फैसला लिया है। इस कारण चूड़धार यात्रा पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है।

churdhar yatra sirmaur himachal

Source – himachal abhi abhi

पुजारी करेंगे मंदिर में पूजा

चूड़ेश्वर केंद्रीय सेवा समिति के मुख्य संयोजक के अनुसार हर साल 15 मई को चूड़ेश्वर सेवा समिति यात्रा में आने वाले लगभग 80 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था करती है। लेकिन इस बार यात्रा पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने पुजारी को मंदिर में रहकर पूजा करने की अनुमति दी है। निर्देश दिए गए है कि मंदिर को बंद रखें और वहां किसी भी व्यक्ति को न ठहराएं। समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।

Sirmaur से जुड़ी इन खबरों को भी पढ़ें

Web Title churdhar yatra in sirmaur himachal postponed due to coronavirus

You may also like

Leave a Comment

error: Content is protected !!