ट्रैकरों का स्वर्ग माना जाता है कुल्लू का चंद्रखणी पास, दिखते हैं देव टिब्बा और पीर पंजाल के शानदार नजारे

by Ravinder Singh

हिमाचल प्रदेश (himachal pradesh) के कुल्लू (kullu) जिले की पार्वती घाटी को ट्रैकिंग (trekking) के शौकीनों के लिए स्वर्ग माना जाता है। खासकर यहां का चंद्रखणी पास (chanderkhani pass) ट्रैकरों के बीच काफी लोकप्रिय है। प्रकृति की कभी ना भुला देने वाली खूबसूरती के बीच ट्रैकिंग करने के शौकीन चंद्रखणी पास (chanderkhani pass) का रुख करते हैं। समुद्र तल से लगभग 3660 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस खूबसूरत ट्रैक (trek) पर ट्रैकिंग करने के लिए हर साल देश-विदेश से सैलानी (tourists) पहुंचते हैं। अपने अद्भुत ट्रैकिंग अनुभव के चलते यह कुल्लू (kullu) जिले के सबसे लोकप्रिय पर्टयक स्थलों में से एक है। चंद्रखणी पास से ‘देव टिब्बा’ और पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के शानदार एवं मनमोहक नज़ारे देखे जा सकते है। इस ट्रैक की शुरुआत मनाली (manali) के नजदीक नग्गर गांव (Naggar) से होती है।

ज्यादा रोमांच और कम खतरा

चंद्रमा जैसा आकर होने के कारण इस पास को चंद्रखणी पास के नाम से जाना जाता है। चंद्रखणी पास से प्रकृति के खूबसूरत नजारों के दीदार होते हैं। यहां से देव टिब्बा, पार्वती घाटी और पीर पंजाल चोटियों के दृश्य देखे जा सकते हैं। देवदार, गोल्डन ओक और चेरी के पेड़ों के कारण चंद्रखणी पास की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। यहां ज्यादा रोमांच और कम खतरा होने के चलते भी चंद्रखणी पास को काफी पसंद किया जाता है। यहां ट्रैकिंग करते समय प्राचीन धार्मिक स्थलों, लकड़ी के घरों, जंगलों और बर्फ से ढकी पर्वत चोटियों पर से गुजरना होता है। अगर आपको बर्फीली वादियों में ट्रैकिंग करना पसंद है, तो यकीन मानिए कि आप इस जगह को कभी नहीं भूल पाएंगे। चंद्रखणी पास पर रात का नजारा भी बेहद खूबसूरत नजर आता है। कई पर्यटक यहां कैंप लगाकर रात गुजारना पसंद करते हैं।

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Source – thrillophilia

नग्गर गांव

चंद्रखणी पास के लिए ट्रैकिंग की शुरुआत नग्गर गांव से होती है। ऐसे में पर्यटक चंद्रखणी पास की यात्रा के दौरान नग्गर गांव की सैर भी कर सकते हैं जो अपनी प्राचीन और ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है। इसे कुल्लू की प्राचीन राजधानी भी माना जाता है। नग्गर को रूसी चित्रकार निकोलस रोरिक के घर के रूप में भी प्रसिद्धि मिली है। यहां पर निकोलस रोरिक लंबे समय तक रहे हैं। वर्तमान समय में उनके घर को एक संग्राहलय में बदल दिया गया है। यहां आज भी आप निकोलस रोरिक के जुड़ी चीजों और चित्रों को उनके घर में देख पाएंगे। यहां के दो प्रमुख पर्यटन स्थल जगटीपट्ट और नग्गर कैसल हैं।

नग्गर को देखकर आपको ऐसा लगेगा जैसे प्रकृति ने इसे बड़ी ही फुर्सत में तराशा है। यहां से निकलती व्यास नदी भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। नदी की सुंदरता और साफ-सफाई देख पर्यटकों का मन इसमें डुबकी लगाने का हो उठता है। यहां आने वाले पर्यटक व्यास नदी के तट पर स्थित दपगो शिड्रपुलिंग मठ भी आते हैं। इस मठ का उद्घाटन दलाई लामा ने किया था। इसके अलावा यहां श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए त्रिपुरा सुंदरी मंदिर, चामुंडा भगवती मंदिर और मुरलीधर मंदिर हैं।

कैसे पहुंचें चंद्रखणी पास

चंद्रखणी पास जाने के लिए नग्गर गांव से ट्रैकिंग की शुरुआत होती है। नग्गर, कुल्लू से लगभग 26 किलोमीटर और मनाली से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां से हिमाचल प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों के लिए बसें चलती हैं। अगर आप हवाई मार्ग की मदद से नग्गर जाना चाहते हो, तो यहां से निकटतम हवाईअड्डा 32 किलोमीटर दूर भूंतर हवाई अड्डा है। यहां से दिल्ली और चंडीगढ़ के लिए फ्लाइट मिलती हैं। भूंतर से नग्गर आने के लिए आप बस या टैक्सी की मदद ले सकते हैं।

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