चादर ट्रेक का अद्भुत सफर, बर्फ से ढके पहाड़ों के बीज कांच की तरह जमी नदी पर चलते हैं लोग

by Ravinder Singh

अगर आप एडवेंचर टूरिज्म और ट्रैकिंग के शौकीन हो, तो आपको एक बार लद्दाख में ‘चादर ट्रेक’ (chadar trek) पर ट्रैकिंग जरूर करनी चाहिए। यह भारत के चुनिंदा सबसे साहसिक ट्रेकिंग रूट्स में से एक है। इसे अनुभवी ट्रैवलर्स ही पार कर पाते हैं। यहां एडवेंचर ट्रैकिंग करने का अनुभव कोई भी अपनी पूरी जिंदगी नहीं भूल सकता है। लद्दाख (ladakh) क्षेत्र के जांस्कर घाटी (zanskar valley) में चादर ट्रेक’ (chadar trek) पर सर्दियों में ट्रैकिंग की जाती है। सर्दियों में जब नदी पर बर्फ जम जाती है, तो लोग इसे आने-जाने के लिए और अपने अन्य कामों के लिए इस्तेमाल करते हैं। देश-विदेश से हजारों ट्रैवलर्स इस दौरान यहां ट्रैकिंग करने के लिए पहुंचते हैं और बर्फ से जमी नदी पर चलने का रोमांचक आनंद उठाते हैं।

बर्फ से ढकी पहाड़ियां और नदी

दरअसल यह पूरा इलाका जांस्कर नदी की दो धाराओं के साथ बसा है। सर्दियों के मौसम में यहां बर्फ ही बर्फ बिछ जाती है। जांस्कर नदी का पानी भी ‘बर्फ की परत’ में बदल जाता है और लोग बर्फ पर ट्रैकिंग करते हैं। नदी पर जमी हुई बर्फ एक चादर के समान नजर आती है। इसलिए यह दुनियाभर में ‘चादर ट्रैक’ के नाम से भी मशहूर है। चारों तरफ बर्फ से ढकी पहाड़ियां और बीच में बर्फ से जमी नदी पर चलना, यकीन मानिए आप यह अनुभव कभी नहीं भूल पाओगे। बर्फ पर चलते समय आपको नीचे मौजूद पानी साफ़ नजर आता है, जो रोमांच के साथ-साथ एक डर भी पैदा करता है।

chadar trek

Source – elsetge.cat

105 किलोमीटर लंबा रूट

यह दुनिया का एकमात्र ऐसा ट्रैक है जहां पूरी ट्रैकिंग नदी पर होती है। यह पूरा पैदल ट्रैकिंग रूट लगभग 105 किलोमीटर का है। रोजाना करीब 15 से लेकर 17 किलोमीटर की दूरी तय की जाती है। यहां आने का सबसे सही समय जनवरी और फरवरी महीने का होता है। इस दौरान पूरी नदी कांच की तरह दिखने लगती है और बर्फ काफी सख्त हो जाती है। सर्दी के अलावा गर्मियों के महीने में भी यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। गर्मियों में यहां पर्यटकों को रिवर राफ्टिंग का मौका मिल जाता है। गर्मियों में यहां ठंडे पानी में रिवर राफ्टिंग करने का भी अलग ही मजा है।

कैसे पहुंचें जांस्कर घाटी

जांस्कर घाटी से सबसे नजदीकी हवाई अड्डा लगभग 105 किलोमीटर दूर लेह में स्थित है। लेह से जांस्कर घाटी तक पहुंचने के लिए आप टैक्सी का सहारा ले सकते हैं। लेह के लिए दिल्ली, जम्मू और श्रीनगर से सीधी फ्लाइट्स उपलब्ध हैं। जांस्कर घाटी से सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन जम्मू-तवी और पठानकोट हैं, जो देश के कई प्रमुख रेलवे स्टेशन से जुड़े हुए हैं।

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