केदारनाथ में योग साधना और ध्यान के लिए दुग्ध गंगा से गरूड़चट्टी तक बनाई जा रही हैं तीन गुफाएं

by admin

उत्तराखंड (Uttarakhand) में केदारनाथ धाम (kedarnath dham) आने वाले भक्तों के लिए दुग्ध गंगा से गरूड़चट्टी तक ध्यान (dhyan) के लिए तीन गुफाएं (caves) बनाई जा रही हैं। यहां जाने वाले श्रद्धालु अब भक्ति के साथ गुफाओं में बैठकर ध्यान लगाना भी सीखेंगे। यहां प्रस्तावित तीन गुफाओं में से दो का निर्माण शुरू हो गया है। इन गुफाओं को बनाने के पीछे यही मंशा है कि बाबा केदार के दर्शन के लिए आने वाले भक्त योग-साधना और ध्यान की तरफ भी प्रेरित हों। गुफाओं में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की समस्या न हो, इसके लिए हर जरूरी इंतजाम की व्यवस्था यहां की जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट केदारनाथ के पुनर्निर्माण में कृत्रिम गुफाओं को निर्माण किया जाना शामिल है। गुफाओं की आकृति की बात करें तो यह दो मीटर लंबी और तीन मीटर चौड़ाई में बनाई जाएंगी। इसके लिए शासन ने 28.50 लाख रुपये जारी भी कर दिए हैं। गुफा के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए सितंबर तक का लक्ष्य रखा गया है। प्रस्तावित तीन गुफाओं में दो का कार्य एक सप्ताह पहले ही शुरू कर दिया गया है।

Kedarnath-Gufa

source – Tour my india

डीडीएमए.लोनिवि गुप्तकाशी के अधिशासी अभियंता के अनुसार दुग्ध गंगा से गरूड़चट्टी तक तीन गुफाएं तैयार की जानी हैं। जिसमें दो का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। सितंबर तक काम को पूरा कर लिया जाएगा। बताते चलें कि दो साल पहले मंदाकिनी नदी के दूसरे छोर पर वुड स्टोर कंपनी की ओर से 8 लाख रुपये की लागत से ध्यान गुफा बनाई गई थी। यहां पिछले साल मई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ध्यान गुफा में 17 घंटे तक साधना भी की थी। जिसके बाद यात्राकाल में गढ़वाल मंडल विकास निगम ने ध्यानगुफा का संचालन कर एक लाख से अधिक की आमदनी की। इस दौरान यहां 95 लोगों ने ध्यान किया। ऐसी भी मान्यता है कि भगवान विष्णु गरूड़ पर बैठकर केदारनाथ आए थे, तब वह इसी चट्टी पर उतरे थे। यहां गरूड़ की मूर्ति भी है। इसलिए इसका नाम गरूड़चट्टी पड़ा। यहां कुछ गुफाएं पहले से भी हैं, जिनमें कई साधु संतों से साधना की है।

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Web Title caves for dhyan being built in uttarakhand kedarnath from dudh ganga to garudchatti

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