दुर्मी ताल का बदला हुआ स्वरूप देखेंगे टूरिस्ट, सौंदर्यीकरण के लिए एनीमेशन की नई फोटो जारी

by admin

उत्तराखंड (uttarakhand) में चमोली जिले (chamoli) की निजमुला घाटी में दुर्मी ताल (durmi taal) का स्वरूप अब पहले से बेहतर होने जा रहा है। दुर्मी ताल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। अगर आप वहां कुछ समय बाद घूमने के लिए जाएंगे तो आपको ताल का नया स्वरूप देखने के लिए मिलेगा। हाल ही में दुर्मी ताल के सौंदर्यीकरण को लेकर पुनर्निमाण संरक्षण समिति ने एनीमेशन तस्वीर जारी की है। बहुत जल्द ही इस एनीमेशन पर काम शुरू कर दिया जाएगा। जिसके बाद ताल एकदम नए स्वरूप में नजर आएगा।

निजमुला घाटी के बीच में स्थित दुर्मी ताल का पर्यटन के साथ धार्मिक महत्व भी है। ऐसी मान्यता है कि जब मां पार्वती ने भगवान शिव से इस जगह पर कुछ देर आराम करने की इच्छा जताई थी। यहां आराम करने के दौरन मां पार्वती को प्यास लगने पर भगवान शिव ने अपने त्रिशुल से झील को उत्पन्न किया था, जिसे दुर्मी ताल के नाम से जाना जाता है। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि अंग्रेज यहां ताल के पास बैठकर ही विचार विमर्श किया करते थे कि कहां क्या बनाना है।

uttarakhand durmi taaal-The Himalayan Diary

source – uttarakhand samachar

दुर्मी ताल में आजादी से पहले नौकायन का लुत्फ उठाने के लिए पर्यटक आया करते थे। 1971 में आई आपदा में तीन किलोमीटर से लंबी इस झील का स्वरूप बिगड़ गया। इससे घाटी के ग्रामीणों का रोजगार छिन गया। कई ग्रामीणों ने गांव से पलायन भी कर लिया। उसी समय से लगातार दुर्मी ताल के जीर्णोद्धार की मांग की जा रही है। पिछले दिनों यहीं पर खुदाई के दौरान ग्रामीणों को अंग्रेजों के जमाने की एक नाव भी मिली थी। गांव में अंग्रेजों के समय की काफी वस्तुएं पाई गई हैं। इसके बाद से दुर्मी ताल एक बार फिर से चर्चा में आ गई है।

Uttarakhand में इन जगहों के बारे में भी जानें

Web Title  animation picture of durmi taal near nizamula valley in chamoli gopeshwar in uttarakhand released

(Tourism News from The Himalayan Diary)

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