Amarnath Yatra : पहाड़ों पर 21 जुलाई से गूंजेंगे बम-बम भोले के जयकारे, सिर्फ 14 दिन की इस बार होगी यात्रा

by admin

बाबा बर्फानी के दर्शन का लंबे समय से इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने 21 जुलाई से यात्रा को शुरू करने की घोषणा कर दी है। कश्मीर (kashmir) में बालटाल के रास्ते होने वाली इस बार की अमरनाथ यात्रा (amarnath yatra) केवल 14 दिन की ही होगी। यह 21 जुलाई से शुरू होकर 3 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन पूरी होगी। इस बार कोरोना महामारी के चलते यात्रा के नियमों में कुछ बदलाव भी किए गए हैं। कोरोना की चपेट में आए श्रद्धालु यात्रा पर नहीं जा सकेंगे। ऐसे श्रद्धालुओं के लिए विशेष आरती की लाइव टेलीकास्ट की सुविधा कर दी गई है। जिससे वह 14 दिन की अवधि के दौरान बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा में सुबह और शाम होने वाली विशेष आरती के दर्शन कर पाएंगे।

इस बार यात्रा पर जाने से पहले सभी लोगों से कोविड-19 टेस्ट प्रमाण पत्र मांगा जाएगा। यह प्रमाण पत्र होने पर ही यात्रा को शुरू करने की अनुमति दी जाएगी। जम्मू कश्मीर में प्रवेश करने पर सबसे पहले यह चैक किए जाएंगे। इतना ही नहीं यात्रा के शुरू करने से पहले क्रास चेक भी किया जाएगा। इसके साथ ही साधुओं को छोडकर श्रद्धालुओं की उम्र 55 साल से कम होनी चाहिए। वहीं यात्रा पर जाने के लिए साधुओं को छोड़कर अन्य सभी को ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

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बोर्ड की तरफ से प्रयास किया जा रहा है कि 21 जुलाई से पहले बालटाल मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए तैयार कर दिए जाए। अगर ऐसा नहीं हो पाता है तो भी जिला गांदरबल में बालटाल बेस कैंप से हेलीकाॅप्टर का उपयोग करके श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाने की व्यवस्था की जाएगी। बालटाल मार्ग से यात्रा शुरू करने के पीछे मंशा यह है कि यह मार्ग सबसे छोटा है। किसी भी यात्री को पहलगाम मार्ग से यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार यात्रा मार्ग को बहाल करना ही काफी नहीं है। इस पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं के खाने-पीने, रहने और स्वास्थ्य सुविधाओं का भी इंतजाम किया जाना है। जिसके लिए कम से कम एक महीने का समय चाहिए। यात्रा का सुरक्षा कवच तैयार करने में सुरक्षाबलों को कम से कम 20 दिनों का समय चाहिए होता है।

जिला उपायुक्त गांदरबल के अनुसार उपराज्यपाल, प्रशासन और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की तरफ से यात्रा मार्ग को बहाल करने के लिए निर्देश मिल गया है। इसके बाद बालटाल से गुफा तक के मार्ग से बर्फ हटाने और उसे आवागमन के योग्य बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही बताते चलें कि श्राइन बोर्ड ने यात्रा की तिथि व एडवांस पंजीकरण को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया है। बोर्ड ने पहले 23 जून को यात्रा शुरू करना प्रस्तावित किया था। वहीं श्राइन बोर्ड इस मुददे पर भी विचार कर रहा है कि देश के अधिकतर श्रद्धालुओं को हिमलिंग के दर्शन करवाने के लिए ऑनलाइन या इलेक्ट्रॉनिक चैनलों से संपर्क किया जाए।

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