श्रीनगर के ट्यूलिप गार्डन में खिले 13 लाख फूल, अद्भुत नजारों का आनंद लेने के लिए नहीं हैं सैलानी

by Ravinder Singh

एशिया के सबसे बड़े इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन में फूलों का मौसम आ गया है। इस साल श्रीनगर (srinagar) में बरवान पहाड़ियों के मुहाने पर 30 एकड़ में बने ट्यूलिप गार्डन (tulip garden) में करीब 55 वैरायटी के 13 लाख फूल खिले हैं। यह पिछले साल के मुकाबले एक लाख अधिक हैं। लाखों की संख्या में फूल खिलने से यहां का नजारा बेहद खूबसूरत हो गया है। लेकिन कोरोना संकट के कारण लॉकडाउन की वजह से इस अद्भुत नजारे का आनंद लेने के लिए पर्यटक यहां नहीं पहुंच पा रहे हैं। पर्यटकों के नहीं होने से पूरा गार्डन सूना पड़ा है।

100 करोड़ रुपये का नुकसान

हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक ट्यूलिप गार्डन को देखने के लिए आते हैं। गार्डन का टिकट करीब 50 रुपये होता है। लेकिन इस साल गार्डन बंद होने से पर्यटन उद्योग को लगभग 100 करोड़ रुपये का नुकसान होने की आशंका है। इस साल ट्यूलिप गार्डन के रखरखाव और ट्यूलिप बल्बों को लाने के लिए लगभग 60 लाख रुपये की लागत आई है। ऐसे में उद्यान प्रबंधन ने इसे 40 दिनों के लिए खुला रखने की योजना बनाई थी, ताकि स्थानीय और बाहरी पर्यटकों सहित कम से कम 4 लाख लोग बगीचे को देखने आएं। बता दें कि साल 2019 में लगभग 2 लाख 58 हजार भारतीय और विदेशी पर्यटक ट्यूलिप गार्डन को देखने आए थे।

flowers tulip garden

Source – Radisson Blu Blog

ट्यूलिप फेस्टिवल

कश्मीर में कुल 308 बाग-बगीचे हैं, जिनकी देखरेख फ्लोरीकल्चर डिपार्टमेंट करता है। ट्यूलिप गार्डन भी उन्हीं में से एक है। ट्यूलिप गार्डन के एक ओर डल झील, दूसरी ओर मुगलों का बनाया निशात बाग और तीसरी ओर ऐतिहासिक चश्म-ए-शाही है। ट्यूलिप गार्डन में फूल खिलना कश्मीर में बसंत के आने की निशानी माना जाता है। हर साल ट्यूलिप गार्डन में बहार-ए-कश्मीर नाम से 10 दिनों तक ट्यूलिप फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है। इस आयोजन में घाटी के पारंपरिक संगीत और कला से जुड़े लोग शामिल होते हैं। इस साल कोरोना वायरस के कारण इस आयोजन के होने की भी उम्मीद नहीं हैं।

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Web Title 13 lakh flowers bloomed in tulip garden srinagar

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