एडवेंचर लवर्स के लिए स्वर्ग के सामान है खीरगंगा, मनमोहक है दिलकश खूबसूरती

by Ravinder Singh

शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर अपने परिवार के साथ घूमने और बढ़िया समय बिताने के लिए प्रकृति के करीब जाने की बात हो तो हिमाचल प्रदेश का नाम सबसे पहले आता है। यहां की खुबसूरत वादियां बाहें खोल कर पर्यटकों का स्वागत करती हैं। हिमाचल प्रदेश की दिलकश और बर्फ से ढकी चोटियां, हरे-भरे खेत, हरियाली और पहाड़ों का सौंदर्य पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। आज हम आपको प्रदेश के ऐसे ही एक खुबसूरत पर्यटन स्थल खीरगंगा के बारे में बताने जा रहे हैं। यह काफी लोकप्रिय जगह है। साथ ही यह अन्य कारणों से भी मशहूर है। खीरगंगा में कई गर्म पानी के कुंड है, जिनमे पर्यटक डुबकी लगा सकते हैं। माना जाता है की इन कुंडों का पानी बेहद औषधीय होता है।

इस खुबसूरत पर्यटन स्थल के नाम के पीछे भी एक दिलचस्प पौराणिक कथा है। मान्यता है कि भगवान शिव की कृपा से किसी समय यहां खीर निकलती थी। एक दिन जब परशुराम ने देखा कि लोग इस खीर को खाने के लालच में बावले हुये जा रहे हैं, तो उन्होंने श्राप दे दिया कि अब यहां से कोई खीर नहीं निकलेगी। माना जाता है कि इसके बाद से यहां से खीर निकलना बंद हो गई थी। लेकिन आश्चर्य की बात है कि आज भी दूध की मलाई जैसी चीज गर्म खौलते पानी के साथ निरंतर निकलती रहती है। आप यहां खीरगंगा नदी में छोटे-छोटे सफेद कण देख सकते हैं।

प्राकृतिक सौंदर्य और गर्म पानी के कुंड के अलावा खीरगंगा ट्रेकिंग के लिए भी काफी प्रसिद्ध है। ट्रेकिंग को पसंद करने वालों के लिए यह जगह स्वर्ग के सामान है। यहां ट्रेकिंग बर्शेनी से कसोल तक की होती है। इस दौरान पर्यटक ऊंचे-ऊंचे पहाड़ और घने जंगलों के बीच प्रकृति  भरपूर लुत्फ ले सकते हैं। यहां से कुछ दूरी पर रुद्रनाग है, जहां चट्टानों से होकर पानी नीचे आता है। यह झरना देखने में काफी मनमोहक लगता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां देवता भी दर्शन करने के लिए आते हैं। इसके पास ही पार्वती नदी का झरना भी है। ट्रेकिंग के दौरान पर्यटक गर्म पानी के कुंड में डुबकी लगाना नहीं भूलते, क्योंकि यह कुंड पर्यटकों को कड़कड़ाती ठंड में गर्मी का अहसास कराते हैं। इसके अलावा यहां की खूबसूरत वादियां, मखमली घास और बर्फ से ढके पहाड़ आपकी छुट्टियों को और भी रोमांचक बना देंगे। खीरगंगा में आपको कई इजराइली पर्यटक भी मिल जाएंगे। खीरगंगा इजराइली पर्यटकों की पसंदीदा जगहों में से एक है।

कैसे पहुंचें खीरगंगा

खीर गंगा जाने के लिए सबसे अच्छा समय मध्य अप्रैल से सितंबर के अंत के बीच में है। खीरगंगा तक पहुंचने के लिए पर्यटक सड़क या हवाई मार्ग से कुल्लू-मनाली या भंतुर तक पहुंच सकते हैं। इन जगहों से बर्शेनी या कसोल तक जाने के लिए प्राइवेट बस और जीप आसानी से मिल जाती हैं। खीरगंगा का निकटतम कस्बा बर्शैनी है। अगर आप चाहें तो आप कसोल में भी रात गुजार सकते हैं।

You may also like

Leave a Comment