बर्फ से ढकी चोटियों के बीच अद्भुत एहसास देती है भृगु झील

by Ravinder Singh

भृगु झील, हिमाचल प्रदेश की सबसे प्रसिद्ध झीलों में से एक है। यह झील कुल्लू जिले में करीब 4300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। हिन्दू धर्म के लोगों के बीच भृगु झील का विशेष महत्व है। हिन्दू धर्म से जुड़े पुराने शास्त्रों में इस झील का उल्लेख किया गया है। हिमालय नदी के किनारे पर बनी इस झील का नाम ऋषि भृगु के नाम पर रखा गया है। ऋषि भृगु को हिंदू धर्म में माने जाने वाले 7 ऋषियों में से एक माना जाता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऋषि भृगु ने इस झील के किनारे पर बहुत साल तक तपस्या की थी।

शास्त्रों में बताया गया है कि अपनी सालों की तपस्या के दौरान ऋषि भृगु ने इस झील के किनारे पर ही भृगु समिता लिखी थी। भृगु समिता के माध्यम से आप भूतकाल, भविष्य काल और वर्तमान काल के बारे में जानकारी ले सकते हैं या फिर उसका आभास कर सकते हैं। भृगु झील के नजदीक ही एक अन्य प्रसिद्द पर्यटन स्थल नेहरू कुंड भी स्थित है। नेहरू कुंड यहां आने वाले पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है। भृगु झील के साथ अन्य और भी बहुत प्रसिद्ध तीर्थस्थल और झीलें मौजूद हैं। यह झील एक आदर्श वीकेंड ट्रेक और अपने परिवार के साथ पिकनिक के लिए शानदार जगह है।

भृगु झील का मजा लेने के लिए देसी ही नहीं, बल्कि विदेशी पर्यटक भी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। खासकर रोमांच के शौकीनों के लिए तो यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है। यहां बर्फीली सड़क के ऊपर ट्रैकिंग करना अपने आप में अद्भुत अनुभव प्रदान करता है। अगर आपको साहसिक पर्यटन पसंद है, तो आप यहां ऊंचाई वाली हिमनद की झीलों में ट्रैकिंग कर सकते हैं। वैसे इन ऊंची-ऊंची झीलों पर पहुंचना बहुत मुश्किल है।

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भृगु झील हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध रोहतांग पास की लोकप्रिय झीलों में से एक है। हालांकि यहां तक पहुंचने के लिए आपको लंबी पैदल यात्रा करनी होती है, लेकिन बर्फीले रास्तों पर पैदल यात्रा करना रोमांच और मनोरंजन से भरपूर होती है। यहां ट्रेकिंग के दौरान कहीं खड़ी चड़ाई करनी होगी, तो कहीं घुमावदार पहाड़ियों पर चलना होता है। यहां ट्रेकिंग के दौरान आप गोवरीशंकर मंदिर, त्रिपुरा सुंदरी मंदिर आदि के दर्शन भी कर सकते हैं।

कैसे पहुंचें भृगु झील

भृगु झील जाने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर और मई के बीच का है। हालांकि ट्रेकिंग करने के लिए मार्च और मई के बीच का समय सर्वश्रेष्ठ है। भृगु झील पहुंचने के लिए आपको सबसे पहले मनाली पहुंचना होता है। मनाली से सड़क मार्ग द्वारा लगभग 24 किलोमीटर दूर लाबा गांव पहुंचना पड़ता है। लाबा गांव से भृगु झील तक पहुंचने के लिए ट्रेकिंग करना पड़ती है। मनाली सीधे रूप से हवाई और रेल मार्ग से जुड़ा हुआ नहीं है। यहां से निकटतम हवाई अड्डा 50 किलोमीटर दूर भुंतर कुल्लू में है। भंतुर के लिए दिल्ली और चंडीगढ़ से फ्लाइट मिलती हैं। भुंतर से मनाली के लिए बसें चलती हैं। मनाली से नजदीकी रेलवे स्टेशन 162 दूर बैजनाथ में है, जहां तक पठानकोट से छोटी लाइन से पहुंचा जा सकता है। यहां से मनाली जाने के लिए आप सड़क मार्ग का सहारा ले सकते हैं। मनाली जाने के लिए दिल्ली और चंडीगढ़ से बसें चलती हैं। दिल्ली से मनाली की दूरी करीब 540 किलोमीटर है।

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